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Monday, October 22, 2012

फेसबुक की उलझनें



भारत में ऐक्टिव फेसबुक यूजर्स की संख्या साढ़े छह करोड़ हो गई है। अभी दो साल पहले यह सिर्फ 80 लाख थी। अंदाजा लगाया जा सकता है कि टीनेजर्स का मेंटल डिवेलपमेंट इससे किस हद तक प्रभावित हो रहा है। अभी यह सोशल नेटवर्क कुल नौ भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। यानी भाषा की भी कोई बाधा नहीं है। पांचवीं में पढ़ने वाली दो बच्चियां अपनी-अपनी छतों से आवाज देकर कहती हैं, 'एफबी पे आ जाओ, चैट करते हैं।' इससे कहीं अच्छा होता कि वे खुली हवा में छत पर बैठकर या बाहर पार्क में टहलते हुए गप्पें मारतीं। लेकिन न तो कोई उनसे यह कहने वाला है, और कहे भी तो वे मानने वाली नहीं हैं।
इसके कुछ फायदे हैं तो कुछ नुकसान भी हैं। फायदा यह है कि कम उम्र में ही उनकी एक बहुत बड़ी दुनिया बन रही है। कुछ टीनेजर्स अपनी क्रिएटिविटी के लिए भी इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन इसका सबसे बड़ा नुकसान यह है कि टीनेजर्स अक्सर गलत सेल्फ-आइडेंटिटी डिवेलप कर ले रहे हैं। पॉप्युलर कल्चर और मीडिया के असर में आकर वे अपना मूल्यांकन अपने अपियरेंस के हिसाब से कर रहे हैं। इस सोशल प्लेटफॉर्म पर मिले कॉमेंट्स और मेसेज उनकी आइडेंटिटी का आधार बन रहे हैं। धीरे-धीरे इस 'मैनुफैक्चर्ड' दुनिया में ही रहने की आदत बन जाती है। एफबी पर 'फ्रेंड्स' और 'लाइक्स' की संख्या से उन्हें सेल्फ-प्रमोशन मिलता है। यह 'फॉल्स सेल्फ' उनके 'ट्रू सेल्फ' से काफी अलग है, क्योंकि अंतर्मुखी स्वभाव वाला किशोर भी यहां मुखर दिखाई देता है। इस तरह दो आइडेंटिटी के बीच की जिंदगी कई दफा उनके व्यक्तित्व को दोहरा बना रही है। बढ़ती उम्र में अपनापन, सुरक्षा और जुड़ाव जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं हो पातीं और यह उनके भीतरी बिखराव की वजह बन जाता है।

बिजली : आखिर दिल्लीवासियों को मिली कुछ राहत


नई दिल्ली ।। बिजली के भारी-भरकम बिलों से परेशान राजधानी के लोगों में बढ़ती नाराजगी के बाद टैरिफ स्लैब में बदलाव हो ही गए। दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमिशन ने नया टैरिफ शेड्यूल जारी किया है जिससे 201- से 400 यूनिट तक बिजली खर्च करने वालों को 4 से लेकर 22 पर्सेट तक का फायदा होगा। जो लोग 400 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करते हैं उनकी बिजली थोड़ी महंगी हुई है, लेकिन इसके बावजूद थोड़ा फायदा उन्हें भी होगा। नए टैरिफ रेट 1 जुलाई से लागू होंगे और बिजली कंपनियां आने वाले बिलों में इन्हें अडजस्ट करेंगी।

डीईआरसी चेयरमैन पी. डी. सुधाकर ने टैरिफ शेड्यूल जारी करते हुए बताया कि अब 201- से 400 यूनिट तक बिजली खर्च करने वालों को प्रति यूनिट 5.50 रुपए चुकाने होंगे हालांकि प्रस्ताव 5.70 रुपए का रखा गया था। 400 यूनिट से ज्यादा खर्च करने वालों को बिजली प्रति यूनिट 6.50 रुपए पड़ेगी, जबकि अब तक यह रेट 6.40 रुपए था। सुधाकर ने कहा कि इससे 201 से 400 यूनिट खर्च करने वालों को काफी राहत मिलेगी और दिल्ली में सबसे ज्यादा कंस्यूमर इसी स्लैब में आते हैं। इन्हें राहत देने के लिए और टैरिफ रेशनलाइज करने के लिए 400 यूनिट से ऊपर के स्लैब में मामूली बढ़ोतरी की गई है।

आमिर-खान-ने-पेश-की-नई-मिसाल-150-करोड़-रुपये-को-नकारा

मुंबई : बॉलीवुड के नामचीन अभिनेता और मिस्‍टर परफेक्‍शनिस्‍ट आमिर खान न केवल अपनी एक्टिंग और सामाजिक सरोकारों को लेकर औरों से अलग हैं, बल्कि उन्‍होंने बाजारवाद के इस युग में पैसों को ज्‍यादा तरजीह न देकर भी एक मिसाल कायम की है। एक रिपोर्ट के मुताबिक आमिर खान ने अब 150 करोड़ रुपये के एक विज्ञापन (एडवरटाइजिंग) कॉन्‍ट्रैक्‍ट को ठुकरा दिया है।
गौर हो कि बॉलीवुड के कलाकारों, दिग्‍गज क्रिकेटरों को एक से बढ़कर एक विज्ञापन के कॉन्‍ट्रैक्‍ट मिलते हैं और बदले में उन्‍हें भारी भरकम रकम मिलती हैं। परंतु ज्‍यादा विज्ञापन डील हासिल करने की इस होड़ के बीच मिस्टर परफेक्शनिस्ट ने 150 करोड़ रुपये के विज्ञापन कॉन्ट्रैक्ट ठुकरा दिए हैं।

जानकारी के मुताबिक आमिर खान सामाजिक मुद्दों से जुड़े एक टीवी शो पर इन दिनों कार्यरत हैं। बीते दिनों `सत्‍यमेव जयते` नामक शो के जरिये आमिर ने एक नई मिसाल कायम की है। इस शो का व्‍यापक सकारात्‍मक असर भी देखने को मिला। बताया जा रहा है कि आमिर ने इन दिनों अपने सारे कॉन्‍ट्रैक्‍ट खत्म कर दिए हैं।
आमिर ने कहा भी है कि वह वैसे विज्ञापन करेंगे जो अतुल्य भारत के अभियान का हिस्सा होगा। उन्होंने अपने सभी विज्ञापन कॉन्‍ट्रैक्‍ट रद कर दिए हैं। इस समय आमिर अपने टीवी शो के दूसरे सत्र पर काम शुरू करने में मग्‍न हैं।

वैसे आमिर अपनी मां जीनत हुसैन के साथ हज यात्रा के लिए शुक्रवार को सउदी अरब गए हैं। हज पर जाने की ख्‍वाहशि को देखते हुए अभिनेता ने अपनी मां से किया वादा निभाया है।